स्मार्ट सिटी परियोजना में बिहार की अनदेखी पर नीतीश नाराज, कहा अंधेर नगरी…

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पटना। स्मार्ट सिटी परियोजना में बिहार की अनदेखी पर नाराज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को अंधेर नगरी… करार दिया है।

शनिवार को गांधी घाट पर राष्ट्रपिता को नमन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्मार्ट सिटी बनाने से केन्द्र सरकार मुकर रही है।

उसके सामने नहीं है कोई नियम-कानून
उसके (केंद्र) सामने कोई नियम-कानून नहीं है। ना तो कोई मर्यादा है और ना ही उसे क्षेत्रीय संतुलन का ख्याल है। स्मार्ट सिटी बनाने का फैसला उसका था। चयन का मापदण्ड तय करना उसी का फैसला और उसके बाद विभिन्न राज्यों में स्मार्ट सिटी चयन करने का फैसला उनका ही है। बिहार से प्रस्ताव मांगना भी केंद्र का फैसला था और पहले लिए गए अपने फैसले से पलट जाना उनका ही फैसला है। यही तो है अंधेर नगरी…। विधानसभा चुनाव के पहले ही केन्द्र सरकार ने निर्णय ले लिया था। अपने तैयार कराए गए प्रस्ताव पर भी वे अमल नहीं कर रहे हैं। यह सरासर केंद्र की मनमर्जी है।

नाम नहीं काम में हमारा भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम नाम में नहीं, काम में विश्वास करते हैं। विदुपुर छह लेन के पुल का रविवार को कार्यारम्भ होगा। शिलान्यास तो विधानसभा चुनाव के पूर्व ही हो चुका है। पूरी फण्डिंग और एक-एक चीज के लिए प्रोजेक्ट बनने के बाद शिलान्यास किया गया था। जो लोग कह रहे हैं कि पाया-पाया का शिलान्यास होगा। ऐसा वे लोग (विपक्ष) खुद ही करते रहे हैं। जब वे मेरे साथ थे तब कार्यक्रम में जाते नहीं थे लेकिन शिलापट्ट पर अपना नाम लिखाने के लिए बाध्य करते थे। यह उनलोगों की आदत है। तत्कालीन रेलमंत्री रामविलास पासवान ने बिना कुछ कराए ही दीघा-सोनपुर महासेतु का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा से करा दिया था। जब हम रेल मंत्री थे तब मैंने पैसे का इंतजाम करने के बाद वाजपेयी से कार्यारंभ करवाया था।

हम सर्जन या डॉक्टर तो हो नहीं जाएंगे
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये फ्रस्टेटेड लोग हैं। भारी प्रचार करने के बाद भी विधानसभा चुनाव में कोई फायदा नहीं हुआ। इससे ये लोग हताशा हैं। दीदारगंज में छह लेन का पुल बन रहा है, इसको रोकने की इन लोगों ने बड़ी साजिश की। कहा जाने लगा कि केंद्र सरकार पुल बनाएगी। हमने कहा कि प्रोजेक्ट तैयार है उसी पर काम हो, लेकिन वे लोग तैयार नहीं हुए। बहुत लोगों का कलेजा फटता है तो हम क्या कर सकते हैं। उनके लिए अब हम सर्जन या डॉक्टर तो हो नहीं जाएंगे।

Source: Bhaskar.com

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