कलश स्थापना के साथ शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गे की आराधना का महापर्व वासंतिक नवरात्र शुरू हो गया। घरों से लेकर मंदिरों में शुरू हुआ सप्तसती पाठ की शुरुआत हो गई। गया के मां मंगला गौरी मंदिर में पाठ करने वालों श्रद्धालुओं की भीड़ गुरुवार सुबह से ही लगनी शुरु हो गई।
गया के दक्षिणी छोर पर भस्मकुटी पर्वत पर स्थित मां मंगलागौरी देवी का मंदिर में लोगों की बड़ी आस्था है। देवी भागवत पुराण के अनुसार यह मंदिर 51 प्रधान सिद्धपीठों में एक है। पालन पीठ के नाम से मशहूर इस मंदिर में महालक्ष्मी के रूप में विराजमान मां मंगला की आराधना से सभी मनोकामना पूरी होती है।
मनोकामना नहीं जाती खाला
कहते हैं कि यहां पूरा कर मान्यता मांगने वालों की मुराद कभी खाली नहीं जाती। नीम के पेड़ की शीतल छांव में गुफानुमा मंदिर में मां सिंह पर पद्मासन की मुद्रा में आसीन हैं। मां के दर्शन और पूजन को यहां सालों भर भीड़ रहती है। शारदीय और वासंतिक नवरात्र में के सभी दिन भोर से ही भक्तों की भीड़ जुट जाती है।
राजा मान सिंह कई महाराज टेक चुके हैं मत्था
राजा मान सिंह, दरभंगा महाराज, टिकारी महाराज, पद्मा महाराज, सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, माधव राव सिंधिया, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज सहित कई अन्य नामी-गिरामी हस्तियां मां के दर्शन कर चुके हैं।
Source: Livehindustan.com