
गया. पंकज ने 11-12 साल की उम्र तक दुनिया को देखा। फिर एक दुर्घटना में आंखों की रोशनी चली गई। हताश होकर पिता जी ने कहा कि बेटा अब घर पर ही रहो। पर तमाम परेशानियों को झेलने हुए पंकज ने पटना यूनिवर्सिटी से बीएड व एमएड और इग्नू से पीजी तक पढ़ाई पूरी की। आज वे शहर के प्लस टू उच्च विद्यालय (नवस्थापित) में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक हैं।








